सर्वप्रथम नन्हे बालक जयंत सौरभ अग्रवाल ने गिटार पर प्रस्तुति देकर तथा नन्ही बालिका हार्दिका सौरभ अग्रवाल ने ‘जिंदगी एक सफर है सुहाना...’ गीत गाकर सबका मन मोह लिया। नन्हे बालक आरव अतुल धींगड़ा ने वाद्य यंत्र मेलोडिका पर ‘यह शाम मस्तानी, समायरा दिनेश गोयल ने ‘यह मेरा दिल प्यार का दीवाना तथा नन्ही बालिका समायरा साहिल जिंदल ने ‘एक प्यार का नगमा है’ की प्रभावी प्रस्तुति देकर अदभुत समां बांधा।
इसी कड़ी में अभिनव भूतड़ा ने ‘यह रातें यह मौसम.श्रीमती अंजू गुप्ता ने अपनी सुरीली आवाज में ‘रोज शाम आती थी नन्ही बालिका क्षितिजा दिनेश गोयल ने ‘आओ तुम्हें चांद पर ले जाएं...’ तथा डॉक्टर शिखा जिंदल ने ‘साथिया यह तूने क्या किया’ गाकर सबको झूमने के लिए मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम को उसके अंजाम तक पहुंचाते हुए डॉ. कमलेश धींगड़ा ने ‘अजीब दास्तां है यह. गाकर शाम को सुहाना बना दिया। संगीतप्रेमी राकेश गोयल ने अनूठे अंदाज में ‘एक अजनबी हसीना. सुरेश गुप्ता ने ‘जिंदगी के सफर में.’, श्रीमती जोहरी आर्य ने ‘नैना बरसे रिमझिम रिमझिम. तथा संगीत निर्देशक मनोज आर्य ने ‘रुक जाना नहीं गाकर खूब तालियां बटोरी। कार्यक्रम के अंत में सफल आयोजन के लिए अभिनव भूतड़ा ने समस्त सदस्यों का आभार व्यक्त किया। सफल मंच संचालन डॉ. अतुल धींगड़ा ने किया। इस अवसर पर स्पंदन संस्था सदस्य तथा अनेक संगीत प्रेमी उपस्थित थे।
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